देखें कि अंक ज्योतिष ने इतिहास की महान हस्तियों के भाग्य की भविष्यवाणी कैसे की।
संक्षेप में कहें तो, हर पुरुष या स्त्री एक अंक द्वारा दर्शाया जाता है (क्योंकि उसका जन्म किसी विशेष तिथि, माह और वर्ष में हुआ है) और साथ ही उसके नाम से संबंधित अक्षरों द्वारा भी परिभाषित होता है।
इन शास्त्रों के अनुसार मनुष्य एक यंत्र है और उसका नाम एक मंत्र है। शुभ फल तभी प्राप्त होते हैं जब दोनों एक-दूसरे से सहमत हों, और कोई भी असहमति उनके लिए हानिकारक होती है। यही इस विज्ञान की मूल आधारशिला है।
मंत्र शास्त्र हमें प्रकृति की गूढ़ शक्तियों को समझने में मदद करता है, और हम ध्वनि कंपनों के माध्यम से उन्हें नियंत्रित करना सीखते हैं। उन अदृश्य शक्तियों के रूपों को खोजना और फिर उनका उपयोग करना तंत्र शास्त्र का उद्देश्य है।
केवल ये दो परस्पर संबंधित शास्त्र ही हमें प्रकृति को समझने और उसके अनुरूप जीने में मदद कर सकते हैं। इन दोनों शास्त्रों को आज तक गुप्त रखा गया है, ताकि ये अनैतिक लोगों के हाथ में न पड़ें। ये आज भी केवल गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत ही सुरक्षित हैं।